वक़्त गुज़र रहा है ... हर वक़्त, वक़्त के साथ बस गुज़र रहा है बनता हो गर कोई खुदा कोई खुद में तो रोक के दिखाए दरअसल मेरा कुछ काम बाकी है किसी को चुकानी हैं मेरी शाम , बाकी है गर ताकत हो किसी में ज्यादा वक़्त से दो हाथ करके दिखाए पहले तो कभी नहीं हुआ ये काश कोई अब करके दिखाए कोई बात नहीं जाने दो , छोडो मुझपर मेरा ही तो काम बाकी है वक़्त भी तो वक़्त का इंतज़ार कर रहा है वक़्त गुज़र रहा है...